BloggingElectricians Tips & TricksInternet Tips

Train का अविष्कार किसने और कब किया? जानिए पूरी जानकारी

Train का अविष्कार किसने और कब किया? जानिए पूरी जानकारी

आज के इस आर्टिकल में आप जानोगे की Train का अविष्कार किसने एवं कब किया इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे। जैसा की साथियों ये तो हम आप सभी जानते हैं की हमारे भारत देश मे आज के समय मे ट्रैन का कितना महत्व है. वर्तमान समय में रेल हमारे भारत देश की ही नहीं बल्कि ये दुनिया की भी सबसे बड़ी यातायात व्यवस्था है।

आप लोग इसका अंदाजा अपने ही देश से लगा सकते हो की हर दिन इंडिया में दो से तीन करोड़ से भी ज्यादा आदमी रेल से यात्रा करते हैं. अपने देश मे Train ने एक बहोत बड़ा बदलाव ला दिया है, मौजूदा दौर में भारतीय रेल ने पूरे देश में अपनी पटरियों का जाल बिछा रखा।

दोस्तों Train से सफर करने का एक अलग ही मजा होता है क्योंकी ये आपसे न केवल कम भाड़ा लेती ही बल्कि आपकी यात्रा को आरामदायक एवं इंट्रस्टिंग भी बनाती है। यदि आप रेल से सफर करते हो तो ये बाक़ी के दूसरे साधनों की तुलना में इसकी बहोत ही कम कीमत होती है।

इसी वजह से भारत के अधिकतर लोग अपनी यात्रा को पूरा करने के लिये इंडियन रेल का उपयोग करते है परन्तु क्या आप लोगों को यह जानकारी है की आज के समय मे जिस ट्रैन से हम आप अपनी यात्रा करते हैं उस ट्रैन का अविष्कार किसने और कब किया था. यदि नहीं पता तो आर्टिकल को ध्यान से लास्ट तक पूरा पढ़िए

आपको बता दे कि आज train विश्व का सबसे बडा और महत्वपूर्ण परिवहन का साधन बन चुकी है पूरे विश्व में रोजाना लाखों करोड़ो लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिये रेल का उपयोग करते है, वर्तमान समय में दुनिया की 80% प्रतिशत जनसंख्या रेलगाड़ी के द्वारा ही अपनी यात्रा पूरी करती है।

जब से ट्रेन का अविष्कार हुआ तभी से हम आप सभी की लाइफ में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिले हैं। ट्रैन से न केवल यात्रियों को सफर कराया जाता है बल्कि ट्रैन से भारी भरकम सामान भी एक जगह से दूसरी जगह आसानी के साथ ले जाया जाता है।

आपने उन ट्रेनों को देखा भी होगा जिसे मालगाड़ी के नाम से जाना जाता है। तो चलिए दोस्तों आपका ज्यादा समय व्यतीत न करते हुए आगे जानते हैं की रेलगाड़ी का अविष्कार किसने किया और कब किया था।

टैन का अविष्कार कब और किसने किया

आप सभी को बता दे की ट्रेन का अविष्कार यूनाइटिड किंगडम के रहने बाले एक महान वैज्ञानिक Richard Trevithick जी करी थी इन्होने दुनिया की सबसे पहली ट्रैन का Avishkar 21 फरवरी सन 1804 किया था।

इस ट्रैन को सिर्फ भाप के इंजन से ही चलाया जा सकता था लेकिन शुरुआत में Richard Trevithick को ज्यादा सफलता नही मिली थी हालांकि रिचर्ड ट्रेविथिक के इस प्रयास से अन्य दूसरे वैज्ञानिकों को ट्रेन का सफल अविष्कार करने की प्रेरणा मिल चुकी थी।

रिचर्ड ट्रेविथिक जी के इस प्रयास को देखते हुए इंग्लैंड के George Stephenson नाम के एक महान साइंटिस्ट के द्वारा 27 सितम्बर सन 1825 को किया था इसलिए अगर हम England को ट्रैन का अविष्कारक कहे हैं तो ये बिलकुल सही माना जायेगा क्योंकी पूरी दुनिया में सर्वप्रथम रेल का अविष्कार करने का तरीका इंग्लैंड जैसे विकसित देश को आया था।

हालाँकि इंगलैंड से पहले ट्रेन का अविष्कार करने का प्रयास पहले और भी कई वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों ने किया था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी. रेलगाड़ी का सफल अविष्कार सिर्फ जॉर्ज स्टेफेंसन ने ही किया था।

आप सभी को बता दे कि George Stephenson पेशे से एक महान इंजीनियर थे इन्होंने अपनी इस पहली सफल train का नाम लोकोमोनश दिया था। इनके द्वारा बनायी गयी ट्रेन की स्पीड 24 किलोमीटर प्रति घंटे की थी जो इंग्लैंड के डार्लिंगटन से स्टॉकटन तक चलायी गयी थी जिसमें लगभग 400 से 450 यात्रियों ने सफर किया था. तो दोस्तों ट्रेन का अविष्कार George Stephenson ने 27 सितम्बर 1825 में किया था।

दुनिया कि 10 लम्बी ट्रेनें

वैसे तो आज के समय पूरी दुनिया में बहुत सी लम्बी ट्रेने बन चुकी हैं लेकिन आज हम आपको विश्व की 10 सबसे लंबी ट्रैनों के बारे में बता रहे हैं –

  1. रिओ टिंटो रेलवे – ऑस्ट्रेलिया
  2. बिलिटन आयरन ओरे ट्रैन – ऑस्ट्रेलिया
  3. यूनियन पैसिफिक ट्रैन – यूरोप
  4. सिषेण सलदान्हा ट्रैन – साउथ अफ्रीका
  5. इंडियन रेलवे – भारत
  6. डबल स्टैक कंटेनर ट्रैन – कनाडा
  7. एएआर स्टैण्डर्ड ऐस 400 – अमेरिका
  8. कजारश रेलवे फ्रेइट ट्रैन – ब्राज़ील
  9. डाकिन रेलवे कोल ट्रैन – चाइना
  10. द घन ट्रैन – ऑस्ट्रेलिया

विश्व की लम्बी ट्रेनो के बारे में विस्तार से जानने के लिए नीचे link पर क्लिक कीजिए हमने The Longest Trains In The World पर एक अलग से लेख लिखा है जिसे आप जरूर पढिये।

दुनिया की 10 सबसे खतरनाक रेलवे ट्रैक

वैसे तो दोस्तों विश्व में ऐसे बहुत से खतरनाक रेलवे ट्रैक जहां पर जाना एक कमजोर दिल वाले इंसान के लिये खतरनाक साबित हो सकता है तो आइये जानते हैं विश्व के दस सबसे खतरनाक रेलवे ट्रैक्स के बारे में –

  1. मैक्लोंग मार्केट रेल्वे ट्रेक – थाईलैंड
  2. जार्जटाउन लूप रेलवे ट्रैक – अमेरिका
  3. रामेश्वरम रेलवे ट्रैक – भारत, चैन्नई
  4. ट्रैन टू द क्लाउड्स – अर्जेन्टीना
  5. द डेथ रेल्वे ट्रैक – थाईलैंड
  6. डेविल्स नोज ट्रैन – एकवाडोर
  7. कुमब्रेस टोलटेक स्केनिक रेलवे ट्रैक – न्यू मैक्सिको
  8. नेपियर गिसबॉर्न रेलवे ट्रैन – न्यूजीलैंड
  9. असो मिनामी रेल्वे ट्रैक – जापान
  10. वाइट पास एंड युकोन रेल्वे ट्रैक – Alaska-USA

यदि आप दुनिया के इन खतरनाक रेल रूट के बारे में विस्तार से जानना चाहते हो तो नीचे link पर click करे हमने इसके ऊपर एक अलग से आर्टिकल लिखा है जिसे आप जरूर देखे।

महत्वपूर्ण सवाल जबाब

प्रश्न – दुनिया में सबसे पहली ट्रैन कब चलायी गयी थी? 

उत्तर – दुनिया में सबसे पहली ट्रेन 27 सितम्बर सन 1825 को इंग्लैंड के लंदन शहर के डार्लिंगटन से स्टॉकटन के बीच चलायी गयी थी जिसमे 28 डिब्बों को भाप के इंजन से 450 यात्रियों को 13 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से 35 किलोमीटर की यात्रा पूरी करी थी।

प्रश्न – Train का अविष्कार कब और किसने किया था? 

उत्तर – रेलगाड़ी का अविष्कार George Stephenson जी ने 27 सितम्बर 1825 में किया था जो एक महान वैज्ञानिक थे।

Conclusion

इस लेख में आप सभी ने जाना है की Train का अविष्कार किसने एवं कब किया था और विश्व की सबसे लम्बी ट्रेनें और सबसे खतरनाक रेलबे ट्रैक्स आदि के बारे में हमने आपको इस आर्टिकल में पूरी जानकारी दी है जो आपकी समझ में आ चुकी होगी।

हम उम्मीद करते हैं की आपको रेलगाड़ी के अविष्कार से जुडी सम्पूर्ण जानकारी मिल चुकी होगी यदि फिर भी आपका इस Topic से जुड़ा कोई प्रश्न है तो आप हमसे जरूर पूछे हम आपकी हेल्प के लिये हमेशा तैयार हैं।

दोस्तो आप सभी से हमारी एक छोटी सी रिकवेस्ट है की आप इस Post को अपने सभी मित्रों के साथ शेयर जरूर करे शेयर करने के लिए आप व्हाट्सप्प इंस्टाग्राम ट्विटर फेसबुक आदि Social Network का इस्तमाल कर सकते हैं। धन्यवाद

Dharmendra Choudhary

नमस्कार दोस्तो, मैं Dharmendra Choudhary Hindilive.Net का Founder हूँ,अगर में अपनी पढाई की बात करू तो मैंने Graduate किया है। मुझे टेक्नोलॉजी से जुड़ा रहना बहुत पसंद है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button